मरवाही विधानसभा क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा आदिवासी कांग्रेसी नेता छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जोगी) में शामिल
डॉक्टर के के ध्रुव को मरवाही से कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेस में भगदड़
कांग्रेस छोड़ने वाले इन्हीं नेताओं में से कोई एक बन सकता है छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का मरवाही से प्रत्याशी
अखिलेश नामदेव /छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 ( मरवाही विधानसभा चुनाव डेस्क)

मरवाही विधानसभा क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा आदिवासी कांग्रेसी नेता कांग्रेस छोड़कर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। रायपुर स्थित सागौन बंगले में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ( जोगी ) के अध्यक्ष अमित जोगी ने इन कांग्रेसी नेताओं को गुलाबी गमछा पहनकर पार्टी की सदस्यता दिलाई।
मरवाही विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के वर्तमान विधायक डॉक्टर के के ध्रुव को मरवाही से दोबारा कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने से मरवाही कांग्रेस में भगदड़ मच गई है। कांग्रेस पार्टी के निर्णय से नाराज दो दर्जन से ज्यादा आदिवासी कांग्रेसी नेताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पार्टी छोड़ दी है तथा छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी पार्टी में शामिल हो गए हैं। संभावना व्यक्त की जा रही है कि कांग्रेस छोड़कर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में वापस जाने वाले इन्हीं असंतुष्ट नेताओं में से किसी एक को छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे मरवाही से अपना प्रत्याशी बन सकती है!

26 अक्टूबर को रायपुर स्थित सागौन बंगले में जाकर जोगी पार्टी में शामिल होने वाले मरवाही विधानसभा के प्रमुख नेताओं में आदिवासी नेता मुद्रिका सरार्टी ,गुलाब सिंह राज वर्ष 2018 में अजीत जोगी के खिलाफ मरवाही से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गुलाब राज, ग्राम जोगीसार के सरपंच जयलाल सिंह पैकरा ,
मरवाही सरपंच संघ के अध्यक्ष गजरूप सिंह सलाम (सरपंच बगड़ी), पेंड्रा जनपद अध्यक्ष आशा मरावी के पति बबलू मराबी (तुसान शंकर मरावी) बलबीर करसाएल सरपंच अंधियार खोर ,तूफान सिंह धुर्वे, लक्षमण राठौर
,बीरेन्द्र ठाकुर (सरपंच बगरा)धीर सिंह सरपंच लमना,चन्द्रकुमार,चैन सिंह सरौता जवाहर सिंह ,
रमेश सिंह जमुना सिंह (बचरवार)
श्वारूप सिंह वाकरे नारायण सिंह अर्मो सरपंच सकोला),दिनदयाल मार्को
जवाहर – कोर्राम (सरपंच बरोर,सुतराम पोर्ते सरपंच मगुरदा ),कुन्जन सिंह
नरेंद्र प्रताप सिंह सरपंच नरौर शामिल है।
एन विधानसभा चुनाव के वक्त जब कांग्रेस को कार्यकर्ताओं की जरूरत है जनपद अध्यक्ष एवं सरपंचों की इतनी बड़ी संख्या में दल बदल करने के कारण कांग्रेस में भगदड़ मच गई है।

राजनीति भी कैसे-कैसे खेल दिखाती है
कांग्रेस से नाराज होकर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी पार्टी में शामिल होने वाले ज्यादातर आदिवासी नेता वर्ष 2001 से अजीत जोगी के नजदीकी रहे। सही मायने में इन नेताओं को अजीत जोगी नहीं राजनीति की एबीसीडी सिखाई थी। इनमें से सभी नेता वर्ष 2016 तक अजीत जोगी के साथ रहे तथा कुछ नेता वर्ष 2016 में अजीत जोगी द्वारा नई छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जोगी पार्टी बनाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में चले गए थे तथा कुछ नेता कांग्रेस में ही रहे थे परंतु वर्ष 2020 में अजीत जोगी के निधन के बाद रिक्त हुई मरवाही सीट पर हुए उपचुनाव के समय ज्यादातर आदिवासी कांग्रेसी नेता ने छत्तीसगढ़ ने जनता कांग्रेस जोगी पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

इन्हीं नेताओं में से एक गुलाब राज ने तो वर्ष 2018 के विधानसभा आम चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर अजीत जोगी से चुनाव भी लड़ा था और बुरी तरह पराजित हुए थे। परंतु वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जो परिस्थितियों बनी है उसके कारण एक बार फिर आदिवासी कांग्रेसी नेताओं की छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस में इन नेताओं की वापसी हुई है। यह महज संयोग होगा या राजनीति का एक हिस्सा की गुलाब राज ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के संस्थापक अजीत जोगी के खिलाफ कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था वही गुलाब राज अजीत जोगी की पार्टी से कांग्रेस के प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान पर हो सकता है। कुछ राजनीतिज्ञ इन आदिवासी नेताओं के जोगी पार्टी में शामिल होने को घर वापसी भी कह रहे हैं।

