पवित्र नगरी अमरकंटक में शीत लहर का प्रकोप, ओस की बूंदें बनीं बर्फ
तापमान 4 डिग्री पर पहुंचा, रामघाट और इंद्र दमन तालाब तट पर जमी बर्फ,कंपकंपाती ठंड के बीच भी आस्था अडिग, श्रद्धालु नर्मदा में लगा रहे डुबकी



गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में भी पड़ा इसका प्रभाव

गौरेला पेंड्रा मरवाही अमरकंटक

एंकर:- पवित्र नगरी अमरकंटक में शीत लहर ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आज सुबह अमरकंटक की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई, जब तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीते तीन दिनों से नगर में ओस की बूंदें जमकर बर्फ का रूप ले रही हैं, जिससे पूरा क्षेत्र शीत लहर की चपेट में है।


नर्मदा नदी के प्रसिद्ध रामघाट, दक्षिण तट के पार्क तथा इंद्र दमन तालाब तट पर घास और जमीन पर अच्छी खासी बर्फ जमी देखी गई। सुबह-सुबह यह नजारा देखकर पर्यटक और तीर्थयात्री कौतूहल में डूबे नजर आए। खुले में खड़े चौपाइयों और वाहनों के कांच व छत पर भी जमी बर्फ ठंड की तीव्रता को बयां कर रही थी।


अमरकंटक इन दिनों कड़ाके की ठंड के आगोश में है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद श्रद्धा और भक्ति में कोई कमी नहीं दिख रही। रामघाट पर श्रद्धालु नर्मदा नदी में डुबकी लगाते, स्नान कर पूजन-अर्चन में लीन नजर आए।

ठंड के बीच आस्था की यह गर्माहट अमरकंटक की पहचान बनती दिखी।
पर्यटकों और दर्शनार्थियों में अमरकंटक की ठंड का अनुभव करने का उत्साह बरकरार है। हालांकि प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा अपील की जा रही है कि अमरकंटक आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक गर्म कपड़े अवश्य साथ लाएं, अन्यथा ठंड से बीमार पड़ने का खतरा हो सकता है।

अमरकंटक के तराई क्षेत्र में स्थित गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला भी इस शीत लहर से अछूता नहीं है। अमरकंटक के मौसम का सीधा प्रभाव पेंड्रा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जिससे पूरे जिले में ठंड का असर काफी बढ़ गया है।

Akhilesh Namdeo

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *