पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता की सक्रियता से ठगी का शिकार होने से बची दसवीं की छात्रा

छात्रा को कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर ठग मांग रहा था ऑनलाइन पैसा

गौरेला पेंड्रा मरवाही पुलिस ठगों से बचने जारी कर रही है एडवाइजरी

अखिलेश नामदेव

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित कक्षा दसवीं बोर्ड परीक्षा में जिले की एक छात्रा को पास करने का झांसा देकर ठगी करने के एक प्रयास को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने विफल कर दिया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने संवेदनशीलता दिखाते हुए समय रहते साइबर सेल को सक्रिय कर फोन करने वाले नंबर की पहचान कर ली है। उन्होंने छात्रा को फोन करने वाले को ब्लॉक करने को कहा है वही परीक्षार्थी छात्रों को ठगी से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

छत्तीसगढ़ में कक्षा दसवीं एवं कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर स्कूली छात्रों एवं उनके पालकों से ऑनलाइन ठगी करने के प्रयासों की जानकारी लगातार सामने आने के बाद बीते तीन अप्रैल को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके छात्र-छात्राओं एवं पालकों को सचेत किया है जिसमें आग्रह किया गया है कि पास करने के नाम पर आने वाले फोन कॉल्स के झांसे में ना आए तथा इस मामले में सावधानी बरतें। इसके बावजूद भी छात्र-छात्राओं द्वारा ऐसे लोगों के फोन कॉल्स अटेंड किए जा रहे हैं जिसमें फोन करने वाला पास करने के लिए पैसे की मांग कर रहे हैं।

ऐसा ही ठगी के प्रयास का एक मामला गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला थाना अंतर्गत प्रकाश में आया है जहां ग्राम नेवरी नवापारा की कक्षा दसवीं की एक छात्रा से एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन नंबर 8653218284 से कॉल कर उसे बताया कि वह अनुत्तीर्ण हो रही है तथा यदि उसे पैसे दे दिए जाएं तो वह कक्षा दसवीं में उत्तीर्ण हो सकती है तब छात्रा ने कुछ अविश्वास जताया कि ऐसे तो कई लोग पैसे मांग रहे हैं तब फोन करने वाले ने कहा कि पास करने में कुल खर्च 8000 आएगा जिसमें से आधा पैसा 4000 उसे ऑनलाइन पेमेंट कर दिया जाए एवं बाकी बचे 4 000 रिजल्ट के बाद दे देना। छात्रा ने इस फोन कॉल से परेशान होकर अपनी शिक्षिका स्वप्निल पवार से इस संबंध में चर्चा की। शिक्षिका ने इस मामले में उचित माध्यम से पुलिस अधीक्षक गौरेला पेंड्रा मरवाही श्री भावना गुप्ता को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता ने पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल मामले का संज्ञान लिया एवं संवेदनशीलता बढ़ाते हुए अज्ञात व्यक्ति के फोन नंबर 8653218284 को साइबर सेल की निगरानी में रखकर उसकी नंबर की पहचान की जिससे यह जानकारी मिली कि फोन करने वाला बिहार का है। उन्होंने साइबर सेल कोई संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए छात्रा को उस नंबर को ब्लॉक करने को कहा तथा आगे की कार्यवाही के लिए लिखित में आवेदन मंगाया है।

उन्होंने इस मामले में संबंधित टेलीकॉम कंपनी से भी संपर्क साधा है।इस तरह पूरे मामले में छात्रा से ठगी के एक प्रयास को पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने रोकने में सफलता प्राप्त की। फोन कॉल्स के माध्यम से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को पास करने का झांसा देने के मामले में पुलिस अधीक्षक गौरेला पेंड्रा मरवाही श्रीमती भावना गुप्ता द्वारा एक एडवाइजरी भी जारी की जा रही है।

आखिर छात्र-छात्राओं के फोन नंबर ठगी करने वालों को मिल कहां से रहे हैं यह बड़ा सवाल

लगभग पूरे छत्तीसगढ़ में कक्षा दसवीं एवं कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं को पास कराने का झांसा देकर ठगी करने वालों को इन छात्र-छात्राओं के फोन नंबर आखिर मिल कहां से रहे हैं यह एक बड़ा सवाल है?? कक्षा दसवीं एवं कक्षा 12वीं बोर्ड की परीक्षा में बैठने वाले छात्र-छात्राओं के फोन नंबर या तो उनके परीक्षा फॉर्म में दर्ज हैं या उनके स्कूल में। अब ऐसे में सबसे हैरानी की बात यह है कि स्कूली छात्र-छात्राओं के फोन नंबर आखिर इन ठगों के पास कहां से उपलब्ध हुए हैं। यह केवल एक या दो छात्रों से जुड़ा मामला नहीं है पूरे छत्तीसगढ़ में इस तरह के ठगी के प्रयास के मामले सामने आ रहे हैं जिसमें पास करने के लिए छात्र-छात्राओं से पैसे की मांग की जा रही है और इन्हीं सबके कारण छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर को इस मामले में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छात्र-छात्राओं को ठगी से बचने के लिए सचेत किया गया है। बहरहाल यह जांच का विषय हो सकता है कि ठगो के पास आखिर स्कूली छात्र-छात्राओं के नंबर कहां से पहुंचे??

Akhilesh Namdeo

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