भूतों का सच बताने वाले गौरव के रहस्यमयी मौत की अनसुनी दास्तान
भला कौन होगा जो जिंदगी के बाद मौत की पहेली को सुलझाने की तमन्ना रखता हो. लोगों की जिंदगी का मकसद अपनी जिंदगी को सुधारना और संवारना होता है. भला कौन चाहेगा जिंदगी के बाद मौत के राज को समझा जाये. तो चलिए हम आपको बताते हैं, भूतों का सच बताने वाले ‘गौरव’ की दास्तान
एक नाम आता है, गौरव तिवारी का. एक ऐसा शख्स, जिसको जिंदगी से अधिक मौत के बाद की कहानियां जानने में दिलचस्पी रहती है. मौत के सच को जानना और मुर्दों को ढूंढना उसका शौक था. अनजान दृश्य और अनसुलझी पहेलियों को सुलझाना उसका पेशा था. लोगों को जिंदगी के बाद मौत की पहेलियों को समझाते-समझाते वह खुद की मौत की पहेलियों को समेटकर चला गया और आज तक उसकी मौत का रहस्य, रहस्य ही बना हुआ है.
गौरव तिवारी की कहानी शुरू होती है दिल्ली से, 12th पास होने के बाद गौरव के मां-बाप की इच्छा थी कि वह कमर्शियल पायलट बने. मां-बाप की इच्छा के अनुरूप ही कमर्शियल पायलट बनने के लिए गौरव अमेरिका चला जाता है और कमर्शियल पायलट स्कूल में एडमिशन ले लेता है. उसी दरमियान वह अमेरिका में रहने के लिए एक अपार्टमेंट में कमरा लेता है और जब गौरव रात को उस कमरे में सोता है, तो उसके साथ अजीब घटनाएँ घटती हैं. उन्हीं घटनाओं के कारण अपार्टमेंट के उस कमरे से शुरू होती है गौरव के मृत्यु के रहस्यों को जानने की कहानी.
गौरव के मुताबिक उसके साथ अजीब घटनाएँ होती हैं. गौरव इससे बहुत हैरान और परेशान होता है. थक हार कर गौरव कमर्शियल पायलट की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देता है और पैरानॉर्मल सब्जेक्ट की पढ़ाई शुरू कर देता है. बहुत सी किताबों के साथ बहुत सी खोज जारी रहती है. धीरे-धीरे तीन साल का वक्त बीत जाता है (2006 से 2009 तक का).
2009 में वह भारत वापस आ जाता है. गौर करने वाली बात यह है कि 2009 में देश की मीडिया में जो न्यूज़ चल रही होती है, उसमें भी भूत-प्रेत, अघोरियों की वांटेड सीरिज़ काफी तेजी से चल रही होती हैं. एक-दो नहीं, बल्कि देश के सभी न्यूज़ चैनल्स ऐसी ही सीरिज़ चला रहे होते हैं. आप सभी जानते हैं कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ का समाज के ऊपर क्या प्रभाव पड़ता है. गौरव जब वापस आया, तो भारत के लोगों की रूचि उसके मुताबिक ही थी. 2009 में वापसी के दरमियान उसे भारत में एक आइडियल प्लेटफॉर्म मिलता है, जो वह अमेरिका में भूतों पर शोध करता है. धीरे-धीरे गौरव पैरानॉर्मल सोसाइटी ऑफ इंडिया नामक एक सोसाईटी की स्थापना करता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक वह देश और दुनिया के करीब 6000 हॉन्टेड जगहों की खोज करके बहुत से रहस्यों से पर्दा उठाता है. उसकी रहस्यों से जुड़ी ही बहुत सी कहानियां दर्ज है. एक रहस्यमयी कहानी का जिक्र करना चाहूँगा.
एक रहस्यमयी सच की तलाश
रहस्यमयी कहानी की शुरुआत होती है, ऑस्ट्रेलिया के एक मुर्दाघर से. उस पर अंदर के सच से जुड़े रहस्यों से पर्दा उठाने का एक जुनून और पागलपन सवार था. पैरानॉर्मल सोसाइटी ऑफ इंडिया की स्थापना करने के बाद उसकी पूरी एक टीम बन चुकी थी, जो मौत के बाद के सच को जानने के लिए रात के अंधेरे में खोजबीन करती थी. एक ऐसे ही सच की खोज में गौरव अपनी टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया पहुंच जाता है, मुर्दाघर में. आप कभी मुर्दाघर गए होंगे, तो आपने देखा होगा कि लाशों को स्टेयर पर रखा जाता है और स्टेयर स्लाईड होती है.
एक बंद बक्से की तरह लाश को स्टेयर पर रखकर उसको बंद कर दिया है. उसे भी एक स्टेयर पर रखकर बंद कर दिया जाता है. गौरव के साथ एक टॉर्च पर आधुनिक कैमरा रहता है. रात भर मुर्दों के बीच गौरव रहता है. गौर करने वाली बात यह है कि इसमें गौरव को बहुत अधिक सफलता नहीं मिलती है. निराशा ही हाथ लगती है. मुर्दा घर में गौरव के रहने का मकसद ये जानना था कि क्या आम इंसानों की तरह मुर्दे भी आपस में बात करते हैं. क्या उनमें कुछ गतिविधियां होतीं हैं या नहीं.
मौत के बाद उठे सवाल
इसी तरह धीरे-धीरे वक्त बीतता रहता है और साल आता है 2016. इसी साल 7 जुलाई को गौरव की रहस्यमयी मौत हो जाती है. उसकी मौत के बाद बहुत से सवाल उठते हैं. न तो वह आर्थिक तंगी से ग्रस्त था और न ही किसी तरह की परेशानी से. हाल ही में शादी हुई थी और पत्नी के साथ खुश भी रहता था. कोई बीमारी भी नहीं थी. मौत से ठीक पहले, आखिरी रात को भी वह अपने काम में व्यस्त था. वह दिल्ली के एक और हॉन्टेड प्लेस की जांच कर रहा था. यहां तक कहा जाता है कि मरने से बस 20 मिनट पहले तक वह बिल्कुल ठीक था. उसने अपने लैपटॉप पर मेल चेक किये और उसके बाद वह अचानक से उठकर वॉशरूम में जाता है.
गौरव की बीबी का बयान
कुछ देर बाद घर वालों को बाथरूम में कुछ गिरने की आवाज आती है. उसके बाद गौरव के पिता और उसकी पत्नी बाथरूम में जाकर देखते हैं, तो गौरव बाथरूम के फर्श पर बेसुध पड़ा होता है. जब तक उसको अस्पताल ले जाया जाता है, तब तक उसकी मौत हो जाती है. गौरव की मौत के बाद जब पुलिस गौरव की पत्नी से पूछताछ करती है तो उसकी बीबी के बयान के अनुसार, मरने से कुछ दिन पहले गौरव ने बताया था कि उसे कुछ नेगेटिव ताकतें मरने के लिए मजबूर कर रही है. लेकिन उसकी बीबी ने उस समय गौरव की बात पर ध्यान नहीं दिया. उसको लगा काम कि शायद काम की अधिकता के कारण से वह डिप्रेशन में है.
आखिर सच में कोई नेगेटिव शक्ति बनी गौरव के मौत की वजह?
गौरव की मौत से रहस्य का पर्दा आज तक नहीं उठ पाया है. गौरव की मौत की क्या वजह थी. ये सवाल आज भी लोगों के लिए सवाल ही बना हुआ है. आम लोगों के ज़हन में ये सवाल आज भी जारी है कि क्या सच में भूतों की अलग दुनिया होती है. क्या मौत के बाद की दुनिया, हकीकत की दुनिया से बिलकुल अलग है. शायद गौरव अब तक जिन्दा होता, तो लोगों के मन में पनपने वाले बहुत से सवालों से पर्दा उठा चुका होता. लेकिन अफ़सोस इन पहेलियों को सुलझाने में ही गौरव की मौत हो गयी और रहस्यमयी दुनिया के बहुत से सवालों के जवाबों से हम सभी अनजान रह गये.

