भाजपा किसान मोर्चा में जीपीएम जिले के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी
बृजलाल सिंह राठौर प्रदेश संयोजक, सुनील शुक्ला बने आईटी सेल सहप्रभारी
संगठन ने दिखाई भरोसे की मुहर
किसान आंदोलन और डिजिटल संगठन को मिलेगी नई धार

गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा में गौरेला–पेण्ड्रा–मरवाही जिले के दो सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं को महत्वपूर्ण संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। जिले के वरिष्ठ एवं दबंग हिंदूवादी नेता बृजलाल सिंह राठौर को भाजपा किसान मोर्चा के जैविक एवं अनुसंधान प्रकल्प का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है, वहीं भाजपा नेता सुनील शुक्ला ‘नान्हू महाराज’ को किसान मोर्चा प्रदेश आईटी सेल का सहप्रभारी बनाया गया है।

दोनों नेताओं की नियुक्ति से जिले की राजनीति में उत्साह का माहौल है। भाजपा कार्यकर्ताओं और किसान मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों ने इसे जिले के लिए गौरव का विषय बताते हुए दोनों को बधाइयाँ एवं शुभकामनाएं दी हैं।
भाजपा मुख्यालय, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश महामंत्री नवीन मार्कंडेय के हस्ताक्षर से किसान मोर्चा के विभिन्न प्रकोष्ठों की सूची जारी की गई, जिसमें जिले के इन दोनों नेताओं के नाम शामिल हैं। यह नियुक्ति संगठन द्वारा उनके अनुभव, समर्पण और संगठनात्मक क्षमता पर जताए गए विश्वास को दर्शाती है।

कोटा एवं मरवाही विधानसभा क्षेत्र की ग्रामीण राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले बृजलाल सिंह राठौर लंबे समय से किसानों की समस्याओं को लेकर सक्रिय रहे हैं। जैविक खेती, अनुसंधान और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी अब उनके अनुभव का उपयोग कर किसान मोर्चा को वैचारिक और संगठनात्मक रूप से और सशक्त करना चाहती है।
वहीं मरवाही विधानसभा अंतर्गत ग्राम कोटमी सकोला निवासी भाजपा नेता सुनील शुक्ला ‘नान्हू महाराज’ को किसान मोर्चा के प्रदेश आईटी सेल में सहप्रभारी नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व वे भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संगठनात्मक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए यह जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, जिससे किसान मोर्चा की डिजिटल पहुंच और संवाद क्षमता को मजबूती मिलेगी।

इन नियुक्तियों को भाजपा द्वारा जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने और संगठन को नई ऊर्जा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल जिले का राजनीतिक कद बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश स्तर पर किसान मोर्चा को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

