सरकार के दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा के बावजूदमोदी की गारंटी लागू  करने की मांग को लेकर फेडरेशन 22 अगस्त की हड़ताल पर अडिग




मोदी की गारंटी के तहत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा- कमल वर्मा प्रदेश संयोजक छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन


फेडरेशन करेगा 22 अगस्त को करेंगे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन ,लेंगे सामूहिक अवकाश



गौरेला पेंड्रा मरवाही


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा छत्तीसगढ़ के अधिकारी कर्मचारी का लंबित दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा के बावजूद छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 22 अगस्त की हड़ताल पर अडिग है। फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा द्वारा प्रदेश के सभी इकाई को जारी संदेश में कहा गया है कि”मोदी की गारंटी” के तहत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर हमारा संघर्ष जारी है!

कमल वर्मा,छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय सन्योजक



छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन राज्य के लाखों शासकीय सेवकों की आवाज है। वर्तमान में फेडरेशन “मोदी की गारंटी” के आधार पर प्रस्तुत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत है। कमल वर्मा द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह अत्यंत खेदजनक है कि सरकार द्वारा हमारी मांगों पर अब तक कोई सार्थक चर्चा या संवाद नहीं किया गया है। न कोई आमंत्रण, न ही कोई समाधान की पहल – यह स्थिति कर्मचारियों के साथ अन्याय और उपेक्षा का प्रतीक है।
ऐसे में यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि  फेडरेशन का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता।
हमारी एकता ही हमारी ताकत है तथा 22 अगस्त के आंदोलन को ऐतिहासिक बनाकर  सरकार को मजबूर करें कि वह कर्मचारियों की आवाज सुने। यहां पर उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर 16 जुलाई 2025 को गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले शाहिद पूरे प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी एकजुट  होकर“मोदी की गारंटी लागू करो” अभियान के तहत रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने जंगी प्रदर्शन किया था। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने प्रदर्शन केंद्र सरकार की गारंटी के अनुरूप सुविधाएं लागू करवाने और राज्य सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर किया
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय सन्योजक कमल वर्मा के निर्देश पर फेडरेशन से जुड़े समस्त संगठनों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस  आंदोलन में भाग लिया था तथा 22 अगस्त को सामूहिक अवकाश लेकर प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन की चेतावनी दी थी।



इधर प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को दो प्रतिशत महंगाई भत्ता की स्वीकृति प्रदान कर केंद्र के समान महंगाई भत्ता दे दिया है इसके बावजूद फेडरेशन अपनी 11 सूत्री मांग को लेकर 22 अगस्त की हड़ताल पर अडिग है



छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की 11 सूत्रीय मांग में प्रमुख रूप से
केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (डीए) लागू किया जाए तथा डीए की एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए। विभिन्न वर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।

पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली पर गंभीर पहल हो


सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।
प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने चेतावनी दिया कि यदि 22 अगस्त 2025 के पूर्व सरकार इन मांगों पर कोई निर्णय नहीं देती तो 22 अगस्त 2025 दिन शुक्रवार को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर सभी जिला एवं विकासखंड तहसील मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। फेडरेशन ने याद दिलाया कि मोदी की गारंटी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा के घोषणा पत्र अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों के लिए लागू किया जावे।

Akhilesh Namdeo

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *