वेदांता की 3 डी रणनीति: कंपनी का आकार दोगुना करने की तैयारी

सक्ती (छत्तीसगढ़), 11 जुलाई।
वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी की 60 वीं वार्षिक आमसभा में “3 डी रणनीति” – डीमर्जर, डायवर्सिफिकेशन और डीलीवरेजिंग का ऐलान किया। उनका लक्ष्य कंपनी का आकार दोगुना करना है।
डीमर्जर:
कंपनी की विभिन्न इकाइयों को अलग-अलग कंपनियों में बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इससे हर इकाई को बेहतर फोकस और स्वतंत्र विकास का अवसर मिलेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि हर इकाई 100 बिलियन डॉलर मूल्य की कंपनी बनने की क्षमता रखती है।
डायवर्सिफिकेशन:
वेदांता अब दुर्लभ धातुओं, ऊर्जा संक्रमण धातुओं, बिजली, टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश करेगी।
डीलीवरेजिंग:
कंपनी अपने कर्ज को कम करने पर भी ध्यान दे रही है ताकि भविष्य में निवेश और विस्तार की संभावनाएं बढ़ें।
अन्य प्रमुख घोषणाएं:
भारत का पहला औद्योगिक जिंक और एल्यूमिनियम पार्क स्थापित किया जाएगा।
1000 डीप-टेक स्टार्टअप्स को समर्थन देकर टेक सेक्टर में योगदान।
कंपनी ने अब तक 10 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक हासिल किए हैं।
2050 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य।
सामाजिक पहल “नंद घर” के तहत 15 राज्यों में 8,500 से अधिक केंद्र।
वेदांता यूनिवर्सिटी की स्थापना की योजना।
वित्तीय प्रदर्शन (2024-25):
राजस्व: ₹1,50,725 करोड़
एबिटा: ₹43,541 करोड़
शेयर धारकों को 87% रिटर्न
कर्मचारियों का योगदान:
1 लाख कर्मचारियों की टीम
28% नेतृत्व पदों पर महिलाएं
2030 तक महिला प्रतिनिधित्व 30% करने का लक्ष्य
श्री अग्रवाल ने कहा, “यह सिर्फ कारोबार का विस्तार नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर भविष्य में योगदान की दिशा है।”

