गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में प्रशासनिक सर्जरी, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने किया व्यापक कार्य विभाजन
डेढ़ माह के अनुभव के आधार पर अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां, तहसीलदारों और डिप्टी कलेक्टरों के दायित्व बदले
प्रशासनिक कसावट और बेहतर कानून व्यवस्था पर फोकस, कलेक्टर ने जारी किए दो महत्वपूर्ण आदेश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए अधिकारियों के कार्यों का पुनर्विभाजन किया है। 3 जुलाई को कलेक्ट्रेट के अरपा सभागार में आयोजित राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक के बाद जारी इस आदेश को प्रशासनिक गलियारों में “प्रशासनिक सर्जरी” के रूप में देखा जा रहा है। चर्चा है कि कलेक्टर ने अपने लगभग डेढ़ माह के कार्यकाल के दौरान अधिकारियों के प्रदर्शन और कार्यशैली का आकलन करने के बाद यह निर्णय लिया है। इससे जिले में प्रशासनिक कसावट, बेहतर समन्वय और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।

जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने व्यापक स्तर पर कार्य विभाजन एवं प्रशासनिक फेरबदल किया है। 3 जुलाई को जारी दो अलग-अलग आदेशों के माध्यम से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टरों सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र और दायित्वों का पुनर्निर्धारण किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।

कलेक्टर डॉ. देवांगन द्वारा पदभार ग्रहण करने के लगभग डेढ़ माह के दौरान विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, अधिकारियों की कार्यशैली एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं का मूल्यांकन किया गया। इसी अनुभव के आधार पर अधिकारियों को उनकी क्षमता एवं अनुभव के अनुरूप नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक हलकों में इसे जिले में बेहतर समन्वय, कार्यकुशलता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी कार्य विभाजन आदेश के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे को पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, बैगा विकास प्राधिकरण, पीएम जनमन योजना, आकांक्षी ब्लॉक योजना सहित ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकांश विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।
अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे को कानून व्यवस्था के पर्यवेक्षण के साथ राजस्व अपील, पुनरीक्षण, प्राकृतिक आपदा प्रकरण, शस्त्र लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा, नगरीय निकाय, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, वन, परिवहन, उद्योग, महिला एवं बाल विकास सहित अनेक महत्वपूर्ण विभागों की नस्तियों के परीक्षण एवं प्रशासनिक कार्यों का दायित्व सौंपा गया है।
वहीं डिप्टी कलेक्टरों के बीच भी विषयवार कार्यों का पुनर्वितरण किया गया है। सुश्री आकांक्षा पाण्डेय को स्थापना, वित्त, आईटी, जनसंपर्क, आधार, वीडियो कॉन्फ्रेंस एवं मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का दायित्व दिया गया है। श्री विक्रांत कुमार अंचल को निर्वाचन, डीएमएफ, सीएसआर, लोक सेवा गारंटी, शिकायत शाखा, जनचौपाल एवं सूचना का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं। जबकि देवेन्द्र कुमार सिरमौर को भू-अभिलेख, डायवर्सन, भूमि अर्जन, पासपोर्ट, मुख्यमंत्री घोषणाएं, डीजीपीएस सर्वे, पर्यटन, संस्कृति एवं पर्यावरण सहित अनेक महत्वपूर्ण शाखाओं की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासनिक आदेश के तहत तहसील स्तर पर भी महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। शेषनारायण जायसवाल को पेण्ड्रारोड से पेण्ड्रा, श्रीमती प्रीति शर्मा को मरवाही से पेण्ड्रारोड तथा अविनाश कुजुर को पेण्ड्रा से मरवाही तहसीलदार के रूप में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा नायब तहसीलदारों को भी अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए उप तहसीलों की व्यवस्था मजबूत करने का प्रयास किया गया है। सकोला में प्रभारी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं।
अमित बेग और निकिता मरकाम पेंड्रारोड मरवाही SDM
प्रशासनिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि हाल ही में संपन्न जनगणना एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर उनकी कार्यक्षमता पर विश्वास जताया गया है। इसी क्रम में डिप्टी कलेक्टर अमित बेक एवं निकिता मरकाम को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) का दायित्व भी सौंपा गया है, जिसे उत्कृष्ट कार्य के प्रति प्रशासन की सकारात्मक सोच के रूप में देखा जा रहा है।

नई प्रशासनिक व्यवस्था के तहत अधिकारियों के बीच स्पष्ट कार्य विभाजन, लिंक अधिकारी प्रणाली तथा विभागवार जवाबदेही तय किए जाने से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने तथा कानून व्यवस्था और जनसेवा से जुड़े मामलों में अधिक प्रभावी परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जिला प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से आम नागरिकों को समयबद्ध एवं बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

