पुष्य नक्षत्र पर होगा स्वर्णप्राशन संस्कार, 0 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए विशेष आयुर्वेदिक आयोजन
बच्चों के स्वास्थ्य, प्रतिरोधक क्षमता और समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजन, पंजीयन प्रक्रिया जारी

गौरेला पेंड्रा मरवाही (GPM)
बच्चों के स्वास्थ्य, प्रतिरोधक क्षमता एवं समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए पेंड्रा में स्वर्णप्राशन संस्कार का विशेष आयुर्वेदिक आयोजन किया जा रहा है। आयुर्वेदिक परंपरा में स्वर्णप्राशन संस्कार को बच्चों के लिए महत्वपूर्ण संस्कार माना गया है। इस आयोजन में 0 से 16 वर्ष तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा।

पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के लिए बच्चों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है। आयोजकों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने बच्चों का पंजीयन कराएं और इस पारंपरिक आयुर्वेदिक आयोजन में सहभागी बनें।
यह आयोजन आत्रेय आयुर्वेद एवं पंचकर्म केंद्र, पेंड्रा, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) में किया जाएगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. Lakhneshwar प्रसाद शर्मा एवं डॉ. मृत्युंजय दत्त शर्मा अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

आयोजकों के अनुसार, स्वर्णप्राशन संस्कार आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा से जुड़ा संस्कार है, जिसे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा स्वास्थ्य संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस आयोजन का उद्देश्य अभिभावकों को आयुर्वेदिक परंपराओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है।
पंजीयन के लिए संपर्क
अभिभावक अपने बच्चों के स्वर्णप्राशन संस्कार के लिए पंजीयन एवं कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी हेतु मोबाइल नंबर 9406211625 पर संपर्क कर सकते हैं।
आयोजकों ने अधिक से अधिक अभिभावकों से सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि आयुर्वेद की पारंपरिक पद्धतियों के माध्यम से बच्चों के स्वस्थ एवं सशक्त भविष्य की दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण पहल है।यदि आप चाहें तो मैं इसे अखबार की फ्रंट-पेज शैली में ज्यादा आकर्षक हेडलाइन, सब-हेडलाइन और 2–3 छोटे बॉक्स सहित भी तैयार कर सकता हूँ।

