प्राकृतिक सुंदरता के साथ जरूरतमंदों की सेवा और जिले के विकास को दें प्राथमिकता : धरमजीत सिंह
विभाजन की पीड़ा को याद कर राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का दिया संदेश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस के अवसर पर मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के ऑडिटोरियम हॉल में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और संघर्ष की त्रासदी को स्मरण करते हुए देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सौहार्द एवं भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा विभाजन की थीम पर विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और उस दौर में आम नागरिकों द्वारा झेली गई पीड़ा को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ विधायक धर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में भारत विभाजन की त्रासदी, स्वतंत्रता संग्राम और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर सपूतों को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि आजादी हमें अनेक वीर सपूतों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों को विस्थापन, पीड़ा और अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इतिहास की इन घटनाओं से सीख लेते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

धर्मजीत सिंह ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्राकृतिक सुंदरता और संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई जिला केवल बड़ी-बड़ी इमारतों से बड़ा नहीं होता। किसी जिले की वास्तविक पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा, वातावरण और यहां रहने वाले लोगों से होती है। उन्होंने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही प्राकृतिक रूप से बेहद सुंदर और समृद्ध जिला है। यहां बड़ी संख्या में जरूरतमंद और गरीब परिवार निवास करते हैं, जिनके जीवन में प्रशासन की संवेदनशील पहल महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।

उन्होंने कलेक्टर विजय दयाराम के. की ओर संकेत करते हुए कहा कि प्रशासन जब जरूरतमंद और आम आदमी की मदद के लिए आगे आता है, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी के लिए किया गया काम ही ऐसी पहचान बनाता है, जिसे लोग जीवनभर याद रखते हैं। प्रशासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद लोगों के हित में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने संवेदनशील प्रशासन की आवश्यकता पर जोर दिया।

वरिष्ठ विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की कृपा और सहयोग से जिले के विकास को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ खड़े रहेंगे तथा जहां भी आवश्यकता होगी, जिले की विकास संभावनाओं की बात मजबूती से रखेंगे।
उन्होंने कहा कि इस जिले में विकास की असीम संभावनाएं हैं और यहां बहुत कुछ किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिले की प्राकृतिक खूबसूरती को पर्यटन एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि ऐसे सुंदर जिले के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।


अपने संबोधन में उन्होंने कार्यक्रम की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास की पीड़ा को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उसे महसूस भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो जीवित है, उसे अपने आसपास के दर्द को महसूस करना चाहिए और देश व समाज के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान मिलकर तलाशना चाहिए। उन्होंने विभाजन की त्रासदी से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों, इसके लिए सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।


कार्यक्रम में लगाए गए छायाचित्र प्रदर्शनी का छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी के माध्यम से विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम, तत्कालीन परिस्थितियों तथा आम नागरिकों की पीड़ा को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा कैंडल मार्च निकालकर विभाजन की त्रासदी में दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में नगर पालिका गौरेला अध्यक्ष मुकेश दुबे, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी, डीएफओ कुमार निशांत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

