अखिल भारतीय नामदेव क्षत्रिय महासंघ महिला इकाई ने मनाया सावन उत्सव,रितिका नामदेव बनीं सावन सुंदरी, पजल्स गेम में अलका वर्मा ने जीता प्रथम पुरस्कार
महिला एकता और संगठन की मजबूती हमारा उद्देश्य : अनामिका वर्मा

बिलासपुर
अखिल भारतीय नामदेव क्षत्रिय महासंघ नई दिल्ली की महिला शाखा जिला बिलासपुर इकाई द्वारा संत नामदेव भवन, नूतन चौक सरकंडा में सावन उत्सव का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत नामदेव जी की प्रतिमा पर पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद समाज की महिलाओं ने सावन के पारंपरिक झूले का आनंद लिया और गीत-संगीत के बीच उत्सव का उल्लास मनाया।
सावन उत्सव में नामदेव समाज की महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सावन सुंदरी का खिताब रितिका नामदेव ने जीता, जबकि पजल्स गेम में अलका वर्मा ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं में द्वितीय, तृतीय सहित अन्य प्रतिभागियों को भी पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम में महिलाओं ने हरे रंग की साड़ियों और सोलह श्रृंगार के पारंपरिक परिधान में हिस्सा लिया। सावन के पारंपरिक गीतों पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया और गीत-संगीत की प्रस्तुतियों से आयोजन को यादगार बना दिया। महिला पदाधिकारियों द्वारा उत्सव में शामिल सभी महिलाओं को सम्मानित किया गया तथा सुहाग सामग्री भेंट की गई।

महिला एकता और संगठन की मजबूती हमारा उद्देश्य : अनामिका वर्मा
जिला महिला इकाई की अध्यक्ष अनामिका वर्मा ने कहा कि सावन उत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाना, आपसी एकता को मजबूत करना और महिला शक्ति को संगठित करना है। सावन का महीना भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाएं अपनी व्यस्त दिनचर्या से समय निकालकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करती हैं। उन्होंने नामदेव समाज के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, जो दिल्ली में आयोजित होना है, उसमें महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी की अपील भी की।

संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ा रही महिलाएं : ज्योति नामदेव
फेडरेशन की कार्यकारी अध्यक्ष ज्योति नामदेव ने कहा कि सावन उत्सव भारतीय परंपरा और संस्कृति के संरक्षण का माध्यम है। आज सभी महिलाएं हरे रंग की साड़ियों में शामिल होकर सावन की परंपरा का निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज की महिलाओं में आपसी जुड़ाव बढ़ता है और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराने का अवसर मिलता है।
अनामिका वर्मा एवं सुधा नामदेव ने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सावन जैसे पारंपरिक पर्वों की जानकारी होना जरूरी है। समाज के सशक्तिकरण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और महिलाएं परिवार के साथ-साथ समाज को भी एकजुट करने में अहम भूमिका निभाती हैं। सावन उत्सव के माध्यम से महिलाओं को अपनी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।

पहली बार सावन उत्सव के माध्यम से दिया महिला एकता का संदेश
सुषमा नामदेव ने कहा कि विभिन्न समाजों की महिलाओं द्वारा सावन उत्सव मनाया जाता है। इसी उद्देश्य से नामदेव समाज की महिलाओं को एकजुट करने के लिए यह आयोजन किया गया। इससे पहले भी समाज की महिलाओं द्वारा हल्दी-कुमकुम जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि समाज की महिलाएं संगठन और एकता को लेकर जागरूक हैं। पहली बार नामदेव समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से सावन उत्सव मनाकर महिला शक्ति और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में अनामिका वर्मा, ज्योति नामदेव, रजनी चौधरी, डॉ. सूची चौधरी, सीमा नामदेव, साधना नामदेव, सुधा नामदेव, सुषमा नामदेव, पार्वती नामदेव, कीर्ति नामदेव, अलका वर्मा, निधि वर्मा, नेहा वर्मा, तनु वर्मा, सीता श्रीवास्तव, खुशबू वर्मा, एकता श्रीवास्तव, वंदना नामदेव, रेखा श्रीवास्तव, आरती नामदेव, गायत्री नामदेव, शारदा श्रीवास्तव, रानी श्रीवास्तव, वर्षा वर्मा, पूनम वर्मा, कृतिका नामदेव, ज्योति श्रीवास्तव, नेहा नामदेव, प्रियंका नामदेव, पुष्पलता नामदेव, श्रद्धा नामदेव, लक्ष्मी चौधरी, मनीष चौधरी, शीतल वर्मा, परीक्षा नामदेव, कल्पना वर्मा, मनोरमा नामदेव, रेखा सिंहासन, सुजाता श्रीवास्तव, सुशीला नामदेव, संगीता नामदेव, मधु वर्मा, माया, सृष्टि श्रीवास्तव, गरिमा नामदेव, जयश्री नामदेव, वनिता भारत, प्रीति श्रीवास्तव, मंजू नामदेव सहित बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं उपस्थित रहीं।
सावन गीतों, झूले, प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच महिलाओं ने उत्सव का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने समाज की महिलाओं में आपसी मेल-जोल, एकता और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जुड़ाव को और मजबूत किया।

